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नवीनतम लेख. अवश्य देखें..

प्रतियोगी परिक्षाओं के लिए समाचार के सर्वोत्तम स्त्रोत

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अगर आप प्रतियोगी परिक्षाओं की तैयारी के दौरान विभिन्न प्रकार के समाचार साधनों मे उलझ जाते है, तो आपको भारत सरकार द्वारा उपल्ब्ध कराई गई एंड्रोयड ऐप ... न्यूज ऑन एयर का प्रयोग करना चाहिए... इसमें सभी समाचार आप पढ़ व देख सकते हेैं. सरकार द्वारा उपल्ब्ध सुविधाओं का प्रयोग किजिए व विभिन्न प्रकार की समाग्री जिस की सत्यता का कोई प्रमाण नही दिया जा सकता का त्याग किजिए..

POK

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1. POK को प्रशासनिक रूप से दो हिस्सों में बांटा गया है, जिन्हें सरकारी भाषा में आज़ाद जम्मू-ओ-कश्मीर और गिलगित-बल्तिस्तान कहते हैं. पाकिस्तान में आज़ाद जम्मू-और-कश्मीर को केवल आज़ाद कश्मीर भी कहते हैं. 2.पाक अधिकृत कश्मीर का प्रमुख यहीं का राष्ट्रपति होता है जबकि प्रधानमंत्री मुख्य कार्यकारी अधिकारी होता हैं जो कि मंत्रियों की एक परिषद द्वारा समर्थित होता हैं. 3. पाक अधिकृत कश्मीर (POK) अपने स्वशासन संबंधी विधानसभा का दावा करता है लेकिन यह तथ्य किसी से छिपा नहीं है कि यह पाकिस्तान के नियंत्रण में काम करता है. 4. पाक-अधिकृत कश्मीर, भारत के जम्मू व कश्मीर राज्य का वह हिस्सा है जिस पर पाकिस्तान ने 1947 में हमला कर अधिकार कर लिया था. 5. पाक अधिकृत कश्मीर (POK) मूल कश्मीर का वह भाग है, जिसकी सीमाएं पाकिस्तानी पंजाब, उत्तर पश्चिम में अफ़गानिस्तान के वाखान गलियारे से, चीन के ज़िन्जियांग क्षेत्र से और भारतीय कश्मीर से पूर्व में लगती हैं. 6. यदि गिलगित-बल्तिस्तान को हटा दिया जाये तो आज़ाद कश्मीर का क्षेत्रफल 13,300 वर्ग किलोमीटर (भारतीय कश्मीर का लगभग 3 गुना) पर फैला है और इसकी आबादी लगभग 40 लाख है…

प्राचीन भारतीयों द्वारा विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में योगदान

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प्राचीन भारतीयों द्वारा विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में दिए गए महत्वपूर्ण योगदान

भौतिकी  प्राचीन भारतीय वैज्ञानिकों ने ब्रह्मांड के निर्माण के संबंध में अवधारणा व्यक्त की थी| उनके अनुसार ब्रह्मांड “पंचमहाभूतों” भूमि, जल, आग, हवा और आकाश से मिलकर बना है|
 वे लोग यूनानियों से पहले अणुओं और परमाणुओं के अस्तित्व के बारे में जानते थे|
 वैशेषिक दर्शन में परमाणु सिद्धांत का सविस्तार वर्णन किया गया है|
 ब्रह्मगुप्त ने न्यूटन के गुरुत्व के सिद्धांत की घोषणा के संबंध में पूर्वानुमान व्यक्त किया था| जिसमें कहा गया है कि “प्रकृति के नियम के कारण सभी वस्तुएं पृथ्वी पर गिरती है और पृथ्वी का यह स्वभाव है कि वह सभी वस्तुओं को आकर्षित करती है|

गणित  गणित के क्षेत्र में भारतीयों ने तीन महत्वपूर्ण योगदान दिया है- संकेतन प्रणाली, दशमलव प्रणाली और शून्य का उपयोग|
 भारतीय संकेतन प्रणाली अरबों द्वारा अपनाया गया था और अंकों को अंग्रेजी में “अरबी” कहा जाता है। ये अंक अशोक के शिलालेख में पाए गए हैं|
 भारतीय गणितज्ञ आर्यभट्ट ने सर्वप्रथम दशमलव प्रणाली की खोज की थी|
 5 वीं शताब्दी ईसा पूर्व में रचित “सुल्वस…

क्या आप जानते है पंचवर्षीय योजनाओं के बारे में ये बातें ?

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पंचवर्षीय योजनाएँ ·1 अप्रैल से 31 मार्च ·पहली – 1 अप्रैल 1951 से 31 मार्च 1956 ·दूसरी – 1 अप्रैल 1956 से 31 मार्च 1961 ·तीसरी – 1 अप्रैल 1961 से 31 मार्च 1966 (1962 चीन युद्ध, 1964 नेहरू मृत्यु, 1965 में पाकिस्तान युद्ध) ·1966 से 1967, 1967 से 1968, 1968 से 1969, योजना अवकाश ·चौथी – 1969 से 1974 ·पाँचवी – 1974 से 1979, 1979 से 1980 योजना अवकाश ·छठी – 1980 से 1985 ·सातवीं – 1985 से 1990 (90-91,91-92 आर्थिक उदारीकरण) 5 वीं योजना को मोरार जी देशाई द्वारा 4 वर्ष में ही बंद कर दिया गया। इंदरा गांधी सरकार द्वारा पांचवी योजना के आंकडों को पुनः सही किया गया। 6 वीं योजना को दो बार लागू किया गया था ·8 वीं 1992 – 1997 ·9 वीं 1997 – 2002 ·10 वीं 2002 से 2007 ·1

(NDC) राष्ट्रिय विकास परिषद के बारे मुख्य तथ्य

NDC राष्ट्रिय विकास परिषद
(NDC)राष्ट्रिय विकास परिषद ·इस परिषद का गठन भारतीय संसद द्वारा 1952 में किया गया, इसका प्रमुख कार्य योजना आयोग द्वारा बनाई गई योजनाओं को लागू करने कि मंजुरी प्रदान करना है। ·NDC के अध्यक्ष भी प्रधान मंत्री होते हैं। व सदस्य राज्यो के मुख्य मंत्री व केन्द्र शासित प्रदेशों के प्रशासक होते हैं। ·NDC की वर्ष में कम से कम एक बैठक अवश्य होती है। ·दिल्ली तथा पुदूचेरी के मुख्यमंत्री भी इस बैठक में शामिल होते हैं। ·NDC का सचिव कि जिम्मेदारी योजना आयोग के सचिव के पास होती है।

आर्थिक नियोजन के बारे में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य

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आर्थिक नियोजन ·भारत सरकार द्वारा आर्थिक नियोजन के लिए विभिन्न प्रकार कि संस्थाएं बनाई गई हैं। जिसके अंतर्गत वर्तमान में योजना बनाने का काम NITI (National Institute For Transforming India)आयोग करती है। ·NITI – इसका पुराना नाम योजना आयोग था जिसे 1 जनवरी 2015 से नीति आयोग कर दिया गया। योजना आयोग का गठन 1950 में किया गया (भारतीय संसद द्वारा कानून बनाकर) आजादी के पहले 1937 में भारतीय राष्ट्रिय कांग्रेस द्वारा राष्ट्रिय नियोजन समिति का गठन किया गया। इसके अध्यक्ष जवाहर लाल नेहरू को बनाया गया। ·आजादी के बाद 1948 में भारत सरकार द्वारा सी. नियोगी कि अध्यक्षता में आयोग का गठन किया गया जिसकी सिपारिस के आधार पर भारत सरकार द्वारा योजना आयोग का निर्माण बनाया गया। ·विश्व में सर्वप्रथम आर्थिक नियोजन करने वाला देश U.S.A. है, जिसने सर्वप्रथम टिनसी नदी घाटी परियोजना बनाई थी। ·भारत सरकार द्वारा आर्थिक नियोजन पंच वर्षिय योजनाओ के रूप में किया गया था पंचवर्षिय योजनाओ का स्वरूप सर्वप्रथम रूस (USS- United state of south Russia) ने सोवियत संघसे लिया गया है। ·सोवियत संघ द्वारा विश्व में सर्वप्रथम पंच वर्षीय योजनाएं …

भारतीय सिक्का मुद्रा के बारे में विशेष जानकारी

रतीय रिज़र्व बैंक; भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के प्रावधानों के अनुसार मुद्रा नोट्स प्रिंट करता है, जबकि भारत में सिक्के, सिक्का अधिनियम, 2011 के अनुसार बनाये जाते हैं. सिक्का अधिनियम, 2011 जम्मू-कश्मीर सहित पूरे भारत में लागू है. भारतीय रिजर्व बैंक भारत का सर्वोच्च मौद्रिक प्राधिकरण है. यह 2 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक के नोटों को प्रिंट करने के लिए अधिकृत है. एक रुपये का नोट आरबीआई के बजाय वित्त मंत्रालय द्वारा मुद्रित किया जाता है. लेकिन मुद्रा और सिक्के का अर्थव्यवस्था में प्रचलन (circulation) केवल आरबीआई द्वारा किया जाता है. .
2011 के कुछ महत्वपूर्ण प्रावधान प्रकाशित कर रहे हैं; 1. यह अधिनियम जम्मू-कश्मीर राज्य सहित पूरे भारत में लागू है.
2. "सिक्का" का अर्थ किसी भी ऐसी “धातु” से बने सिक्कों से है जिससे सिक्के बनाने की अनुमति केंद्र सरकार या उसके द्वारा अधिकृत किसी संगठन द्वारा दी गयी है. 3. धातु "का अर्थ है किसी भी धातु, मिश्र धातु सोना, बेस धातु, चांदी या किसी भी अन्य सामग्री जिसे सिक्का बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा मान्यता दी गयी है.
4यदि कोई व्यक्ति क…

हिम्मत न हारें, सफलता अवश्य मिलेगी

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अगर परीक्षा की तैयारी के दौरान आप अपने मनोबल को टूटते देखे तो एक बार इन पंक्तियों को दोहराएं।
मेहनत इतनी शांति से करें की आपकी सफलता शोर मचा दे।


जिनसे कोई उम्मीद नही होती अक्सर वही लोग कमाल कर जाते हैं।

जीवन की सबसे बड़ी खुशी उस काम को करने में है,
जिसे लोग कहते हैं की आप नही कर सकते।

जिस व्यक्ति ने कभी गलती नही की,
मतलब उसने कभी कुछ नया करने की कोशिश नही की।

सफल लोग कोई और नही होते,
बस वो कड़ी मेहनत करना जानते हैं।

अगर आप पर कोई पत्थर फेंके,
तो आप उसे मील का पत्थर बना दीजिए।

उन्नति की क्षमता रखने वालो पर,
समय समय आपत्ति आती है।

अगर आप 100 बार असफल हुए हैं,
तो एक बार और प्रयास कीजिए।


बोलें कम, करें जादा।

हम कई बार असफल हो सकते हैं, पर हार नही सकते।

सफल होने के लिए सबसे पहले खुद पर भरोसा करें।

जो गिर कर संभल जाता है,
वो अक्सर जिंदगी को समझ जाता है।

हर बंद रास्ते के बाद,
एक नया रास्ता खुलता है।

जो लोग अपनी जिंदगी का निुयंत्रण अपने हाथों में नही लेते,
उनका नियंत्रण समय अपने हाथों में ले लेता है।

आपकी पढाई का कोई महत्व नही रह जाता, 
यदि आपके द्वारा फेंका गया कचरा 
अगली सुबह कोई अनपढ़ व्यक्ति उठाता है।
( शि…

जातियां जिन्हें अनुसूचित जाति में शामिल किया गया

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उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने पिछड़ी जातियों को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है. योगी सरकार ने 17 पिछड़ी जातियों (OBC) को अनुसूचित जातियों (SC) की सूची में शामिल कर दिया है. इन जातियों को अनुसूचित जातियों की लिस्ट में शामिल करने के पीछे योगी सरकार का कहना है कि ये जातियां सामाजिक और आर्थिक रूप से ज्यादा पिछड़ी हुई हैं. अब इन 17 पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र दिया जाएगा. इसके लिए जिला अधिकारियों को इन 17 जातियों के परिवारों को जाति प्रमाण पत्र जारी करने का आदेश दिया गया है.  जातियां जिन्हें अनुसूचित जाति में शामिल किया गया वे पिछड़ी जिन्हें अनुसूचित जाति की सूची में शामिल कर लिया गया है, वे हैं - निषाद, बिंद, मल्लाह, केवट, कश्यप, भर, धीवर, बाथम, मछुआरा, प्रजापति, राजभर, कहार, कुम्हार, धीमर, मांझी, तुरहा एवं गौड़. इन पिछड़ी जातियों को अब एससी कैटेगरी की लिस्ट में डाल दिया गया है. सरकार ने जिला अधिकारी को इन 17 जातियों के परिवारों को जाति प्रमाण पत्र जारी करने का आदेश दिया है.

संवैधानिक और गैर-संवैधानिक में अंतर

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भारत; राज्यों का संघ है. यहाँ पर विभिन्न जाति, धर्म और भौगोलिक स्थिति के लोग रहते हैं. सभी राज्यों की अपनी अलग प्रकार की जरूरत होतीं हैं और कई ज़रूरतों को संवैधानिक और गैर-संवैधानिक संस्थाओं की मदद से पूरा किया जाता है. इस प्रकार भारत जैसे लोकतांत्रिक देश को संवैधानिक और गैर-संवैधानिक संस्थाओं के सहयोग से चलाया जाता है।
संवैधानिक संस्थाओं की परिभाषा (Constitutional Bodies): ये वे संस्था हैं जिनका उल्लेख भारत के संविधान में किया गया है और इसलिए इन्हें स्वतंत्र और अधिक शक्तिशाली माना जाता है।
उदाहरण: चुनाव आयोग, संघ लोक सेवा आयोग और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जातियों के लिए राष्ट्रीय आयोग इत्यादि

    संवैधानिक निकाय का नाम        अनुच्छेद      वर्तमान अध्यक्ष इस प्रकार हैं
1. चुनाव आयोग  अनुच्छेद 324   सुनील अरोड़ा (23 वें)
2. संघ लोक सेवा आयोग  अनुच्छेद -315 से 323   अरविंद सक्सेना
3. राज्य लोक सेवा आयोग  अनुच्छेद -315 से 323   हर राज्य में अलग
4. वित्त आयोग  अनुच्छेद -280   डॉ. वाई. वी. रेड्डी (14वें)
5. राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग  अनुच्छेद -338   राम शंकर कठेरिया
6. राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति …

भारतीयों के लिए हज यात्रा कोटे में इजाफा

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सऊदी अरब ने हाल ही में भारतीयों के लिए हज यात्रा के कोटे में 30,000 का इजाफा कर दिया है. भारत से अब एक साल में 2 लाख यात्री हज यात्रा पर जा सकते हैं. अब तक यह आंकड़ा 1,70,000 का था.
यह फैसला जी-20 बैठक से इतर पीएम नरेंद्र मोदी और मोहम्मद बिन सलमान के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता में लिया गया.
पाकिस्‍तान का हज कोटा भी इस बार 184,210 से बढ़ाकर 2 लाख किया गया गया है। अर्थात इस साल से भारत और पाकिस्‍तान से बराबर हज यात्री मक्‍का मदीना जाएंगे।

सरकार ने पिछले साल महिलाओं को बिना ‘मेहरम’ या पुरुष साथी के हज जाने की अनुमति दी थी, इस अनुमति के बाद करीब 1,300 महिलाएं अकेली हज यात्रा पर गई थी. उन्हें ‘लॉटरी सिस्टम’ से भी छूट दी गई  सऊदी अरब ने साल 2018 में  पांच हजार  साल 2017 में 35,000 की वृद्धि की थी। सुप्रीम कोर्ट के साल 2012 में दिए फैसले के बाद पिछले साल सरकार द्वारा दी जाने वाली हज सब्सिडी को हटा दिया गया था।

फेसबुक की क्रिप्टोकरंसी लिब्रा

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फेसबुक ने 18 जून 2019 को आधिकारिक तौर पर घोषणा कर दिया कि वह अपनी क्रिप्टोकरंसी ला रही है, जिसका नाम होगा लिब्रा (Libra) इसका उद्देश्य एक लो कॉस्ट ग्लोबल पेमेंट सिस्टम बनाना है, जो स्मार्ट डिवाइसेज के जरिए उपलब्ध हो सके।
फेसबुक लिब्रा को अगले साल (2020) लॉन्च करेगी. इसे नई ग्लोबल करेंसी करार दिया गया है. लिब्रा को लगभग 25 पार्टनर्स का समर्थन है. इस पार्टनर्स में नॉन प्रॉफिटेबल कंपनियां, फाइनेंशियल सर्विसेज फर्म और ऑनलाइन कॉमर्स कंपनियां शामिल हैं।

फेसबुक कैलिब्रा डिजिटल वॉलेट भी लॉन्च करेगा। कैलिब्रा एक तरह का डिजिटल वॉलेट होगा जहां से ग्राहक लिब्रा को खरीद-बेच सकेंगे।
लिब्रा क्रिप्टोकरेंसी के लॉन्च होने के बाद यूजर्स अपने स्मार्टफोन से कैलिब्रा वॉलेट के जरिए पैसे भेज सकेंगें और पेमेंट भी कर सकेंगे.

योग दिवस की शुरुआत कैसे हुई

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योग दिवस की शुरुआत कैसे हुई
योग एक आध्यात्मिक प्रकिया है जिसमें शरीर, मन और आत्मा को एक साथ लाने (योग) का कार्य होता है। विश्वभर में 21 जून को 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' मनाया गया है। योग भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहा है। योग एक प्राचीन कला है जिसकी उत्पत्ति भारत में करीब 5000 साल पहले हुई थी. पहले समय में, लोग अपने दैनिक जीवन में योग ध्यान, स्वास्थय के लिए करते थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत हुई। प्रधानमंत्री ने 27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में एकसाथ योग करने की बात कही थी। इसके बाद महासभा ने 11 दिसंबर 2014 को इस प्रस्ताव को स्वीकार किया और तभी से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस अस्तित्व में आया।

दरअसल उत्तरी गोलार्द्ध में 21 जून सबसे लंबा दिन होता है। भारतीय मान्यता के अनुसार आदि भगवान शंकर ने इसी दिन मनुष्य जाति को योग विज्ञान की शिक्षा दी थी। इसीलिए 21 जून अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में चुना गया है.
पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया था। भारत ने पहले योग दिवस पर दो शानदार रिकॉर्ड भी बनाए थे। पहला रिकॉर्…

लोकसभा-अध्यक्ष

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लोकसभा-अध्यक्ष का चुनाव संसद के सदस्यों में से ही पाँच साल के लिए चुना जाता है. उससे अपेक्षा की जाती है कि वह अपनी मूल पार्टी से इस्तीफा दे दे, ताकि कार्यवाही में निष्पक्षता बनी रहे। यहाँ पर यह बताना जरूरी है कि  (लोक सभा के स्पीकर को शपथ नही दिलाई जाती है.)
 मुख्य अधिकार - 1. वह संसद के संयुक्त अधिवेशन में भाग लेता है/लेती हैं. 2. चाहे एक विधेयक धन विधेयक है या नहीं, इसका फैसला अध्यक्ष द्वारा किया जाता है.
भारत के अब तक के लोक सभा अध्यक्षों की लिस्ट इस प्रकार है |
17. श्री ओम बिरला 18/06/2019 ---
16. श्रीमती. सुमित्रा महाजन 06/06/2014 16 June 2019
15. श्रीमती. मीरा कुमार 04/06/2009 04/06/2014
14. श्री. सोमनाथ चटर्जी 04/06/2004 31/05/2009
13. श्री. मनोहर जोशी 10/05/2002 02/06/2004
12. श्री. जी.एम बालयोगी 24/03/1998 19/10/1999
22/10/1999 03/03/2002
11.श्री. पी. ए. संगमा 23/05/1996 23/03/1998
10/07/1991 22/05/1996
10.श्री. शिवराज वी पाटिल 10/07/1991 22/05/1996
9. श्री. रवि राय 19/12/1989 09/07/1991
8. श्री. बलराम जाखड़ 22/01/1980 15/01/1985
16/01/1985 18/12/1989
7. श्री. के. एस. हेगड़े 21/07/1977 21/…

बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम (पोक्सो)

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देश के केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 21 अप्रैल 2018 को एक बड़े फैसले में पोक्सो एक्ट में बदलाव के लिए अध्यादेश को मंजूरी दे दी. इस बैठक में 'प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस' मतलब की पॉक्सो एक्ट में संशोधन को हरी झंडी दे दी गई. इस संशोधन के तहत देश में 12 साल या उससे कम उम्र की बच्चियों के साथ रेप के दोषियों को फांसी की सजा दी जा सकेगी.
अभी के पॉक्सो एक्ट में प्रावधान
दिसंबर 2012 के निर्भया कांड वाले मामले के बाद कानूनों में संशोधन किये गये जिसके तहत पॉक्सो कानून के वर्तमान प्रावधानों के अनुसार इस जघन्य अपराध के लिए अधिकतम सजा उम्रकैद है, न्यूनतम सजा सात साल की जेल है। इसमें बलात्कार के बाद महिला की मृत्यु हो जाने या उसके मृतप्राय होने के मामले में एक अध्यादेश के माध्यम से मौत की सजा का प्रावधान शामिल किया गया जो बाद में आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम बन गया।
कैबिनेट निर्णय के तहत नये बदलाव करने वाले नियम हैं -
•    12 साल की बच्चियों से रेप पर फांसी की सजा •    16 साल से छोटी लड़की से गैंगरेप पर उम्रकैद की सजा •    16 साल से छोटी लड़की से रेप पर कम से कम 20 साल तक की सजा •…

ज्ञानेन्द्रियों के कार्य संबंधित तथ्य

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ज्ञानेन्द्रियाँ 1.नेत्र 2.कर्ण 3.त्वचा 4.नाक 5.जीभ
नेत्र – मनुष्य के नेत्र का गोलक का व्यास 2.5cm होता है। नेत्र तीन भागों में बांटा जाता है
1.स्कलेरा – नेत्र गोलक के सबसे आगे कार्निया भाग आता है जहाँ सर्वप्रथम प्रकाश किरणें पड़ती हैं। नेत्र दान में कार्निया ही दान किया जाता है।
2.कोराइड – यह नेत्र का मध्य भाग होता है। जिसमें उभ्योतल लैंस लगा होता है (उत्तल जैसा) इसके बाहरी तरफ सांद्र द्रव्य व अंदर की तरफ काँच द्रव्य भरा होता है। लैक्रेमल ग्रंथि (लाईसोजाईम) को आश्रु ग्रंथी भी कहते हैं। जिससे अश्रु स्रावित होते हैं। कान्जिक्टीवा भाग कान्जक्विटी वायरस के कारण ट्रैकोमा रोग हो जाता है।
3.रेटिना – ये नेत्र का अतः भाग है जहाँ प्रतिबिंब बनता है। नेत्र में प्रतिबिंब सदैव उलटा व वास्तविक तथा छोटा बनता है। रेटिन पर दो कोशिकाएं पाइ जाती हैं शंकु(आयोडिप्सन) व श्लाक(रेडिप्सन)। वस्तु के प्रतिबिंब बनने की न्यूनतम दूरी 25cm व बनने में लगा समय 1/10 sec है।
निकट दृष्टि दोष (मापोपिया) – दूर की वस्तु दिखाई नही देती – इसके लिए अवतल लेंस का प्रयोग किया जाता है।
दूर दृष्टि दोष (हाईपर