EMISAT और 28 नैनो सैटेलाइट्स



EMISAT और 28 नैनो सैटेलाइट्स
PSLV के नए PSL-QL जिसमे चार स्ट्रैप ऑन मोटर लगी है की पहली उडान से EMISAT और 28 नैनो उपग्रहों को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया। EMISAT ( electronic intelligence satelite) । इसे ISRO और DRDO ने मिलकर बनाया है। PSLV ने 2017 में दुनिया का सबसे भरोसेमंद सैटेलाइट लौंच व्हीकल बना जब PSLV XL वर्जन के प्रयोग से 108 सैटेलाइट प्रक्षेपित किये गए(वर्ल्ड रिकार्ड)। 2008 में चन्द्रयान व 2014 में मंगलयान भी इसी से का प्रक्षेपण इसी से किया गया ।
इसक प्रक्षेपण भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ISRO  ने 1 अप्रैल 2019 को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र से किया।
यह पहली बार था जब ISRO का मिशन तीन कक्षाओं के लिए भेजा गया। जबकि ISRO का यह 47वाँ PSLV प्रोग्राम था। व पहली बार आम लोगों की मौजूदगी में यह कार्यक्रम हुआ।
EMISAT सीमाओं पर नजर रखने के लिए प्रक्षेपित किया गया है व इसका प्रयोग इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम को मापने के लिए भी किया जाएगा। इसके साथ दूसरे देशों के रडार सिस्टम पर नजर भी रखी जाएगी। यह अंधेरे में भी तस्वीर लेने में समर्थ है।
अन्य 28 नैनो उपग्रह अंतर्राष्ट्रीय स्तर के हैं (24 अमेरिका के , लिथुआनिया का 1, स्पेन का 1, 1 स्वीट्जरलैंड का)।
EMISAT का वजना 436 व अन्य उपग्रहों का कुल वजन 220 कि. ग्रा. है। EMISAT को 749 कि. मी. की दूरी पर स्थापित किया गया व चौथे चरण के इंजन को अन्य उपग्रहों को स्थापित किया गया। चौथे चरण में ही 485 कि. मी. पर लाकर कुछ प्रयोग भी किये गये जो की चन्द्रयान - 2 से संबंधित हैं।

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