रोग, कारण और प्रभाव


रोग

वायरस (विषाणु) – वायरस की खोज इवानोवास्की ने तंबाकू के पत्ते पर मोजेक नामक रोग का पता लगाकर वायरस की खोज की वायरस को सजीव और निर्जीव के बीच की कड़ी कहते हैं। क्योंकि इसमें जीव द्रव्य नही पाया जाता परन्तु कोशिका द्रव्य पाया जाता है। वायरस वातावरण में कृष्टल के रुप में पाए जाते हैं इनका कृष्टलिकरण सर्वप्रथम डब्लू स्टेनले ने किया वायरस परजीवी होते हैं। वायरस न्यूक्लिक अम्ल और प्रोटीन से मिलकर बनते हैं। इसमें DNA या RNA पाए जाते हैं। RNA वायरस का वायराइड और प्रोटीन को वायरस के प्रयान्स कहा जाता है वो पदार्थ जा वायरस को नष्ट करते हैं वायरोसाइड कहते हैं।

बैक्टीरियोकेज ऐसा वायरस है जै बैक्टीरिया को नष्ट करता है। यह वायरस गंगा नदी में पाया जाता है।

विषाणु जनित रोग, कारण, प्रभाव -

रोग
वायरस का नाम
प्रभावित अंग

पीलिया
हेपेटाईटस
ABCDE
हेपेटाईटस
यकृत

कैंसर
ओन्कोवायरस
संयोजी उत्तक

चिकन पॉक्स
(बडी माता)
वैरिओला
संपूर्ण शरीर

पॉक्स
(छोटी माता)
वैरिसेला
संपूर्ण शरीर
चेन्नई
अफ्रीका माहाद्वीप
ELISHA TEST

एड्स AIDS
HIV, रिट्रोपायरस
लिंफोसाईट
एंडीज मच्छर
डेंगू
टोगा वायरस
प्लेटलेट्स
एंडीज मच्छर
चिकनगुनिया



पीत ज्वर
अर्बो
अंतः रक्त स्राव
वायु
सामान्य जुकाम
रहाईनो
श्वसन
जापानी या दिमाकी बुखार
गोरखपुर
दस्तक अभियान
इन्सेफिलाइटिस

मस्तिष्क झिल्ली

बर्ड फ्लू
H5H1
श्वसन

स्वाईन फ्लू
H1N1
श्वसन
गली का वायरस
रेबीज (हाईड्रोफोबिया)
लिस्सा वायरस
तंत्रिका तंत्र (कुता,बंदर)

पोलियो
पोलियो माइरिटिस
तंत्रिका तंत्र

इबोला

श्वसन
मलेशिया
केरल
वाहक - फल
निपाह
चमगादड़ व
सुवर के द्वारा


टैकोमा
कंजेक्वरी
नेत्र

इन्फ्लुएंजा

श्वसन

खसरा
मिसल्स
संपूर्ण शरीर

गलसुआ
मम्स
लार ग्रंथी

HIV का पता लगाने के लिए ELISA TEST कराया जाता है।

AIDS को धीमी मौत कहा जाता है।

उ. प्र. सरकार द्वारा दस्तक अभियान इन्सेफिलायटिस रोग से बचाव के लिए चालाया गाया

बैक्टीरिया (जीवाणु) – की खोज एंटोनी ल्युवेनहॉक ने की


रोग
जीवाणु का नाम
प्रभावित अंग
ATS injection
Anti toxic
Crow
DPT inj.
टिटनेस
क्लास्ट्रीडियम
तंत्रिका तंत्र

प्लेग (काली मौत)
पेस्टयुरेला पेस्ट्रिस
RBC नष्ट

डिप्थीरिया
कोरनी बैक्टीरियम डिप्थेरी
श्वसन
DPT inj.
काली खाँसी
प्रैस्टीटस
हीमोफिलस
श्वसन
DPT inj.
मेतिन जाइटिस
निसेरिया मेनिन जाईडिस
मस्तिष्क
BCG inj.
Dot medi.
T.B. (गलघोंटू)
ट्युबर क्लोसिस
फेफडे
विडाल टेस्ट
न्यूमोनिया
डिप्लोफोकस न्यूयोनी
श्वसन

टाईफॉईड़
साल्मेनिला टाइफी
आँत
फैंच पॉक्स
भोजन विषाकता
क्लास्ट्रीडियम बाट्यूनिस
तंत्रिका तंत्र

सिफलिश
ट्रेनोनेमा पैलैडियम
जनन तंत्र
कालरा
हैजा
विब्रियो कालरी
आँत
लेप्रोसी
कुष्ठ
माईको बैक्टीरियम
त्वाचा, तंत्रिका तंत्र

·        DPT का टीका ट्रिपल एंटीजन कहलाता है। यह डिप्थीरिया, काली खाँसी, टिटनेस रोग निरोधक है।

·        BCG का टीका TB से बचाव करता है। इसे बैसिलस कालमेट मारेन कहते है सकी दवा DOTS कहलाती है। मन्टूटेस्ट Montex test कहलाता है।

·        जीवाणु से रोधी पदार्थो का स्राव होता है, जिनसे Antibiotic पदार्थ बनाए जाते हैं। इसकी खोज वॉक्स मैन ने की थी ।

·        सहजीवी जीवाणु में राईजोबियम आता है। जो दलहनी कुल के पादपों कि जडों मे पाया जाता है, यह उन पादपों में नाईट्रोजन स्थ्रीकरण करता है।

·        मृतोपजीवी जीवाणु में लैक्टोबैसिलस और एसीटो बैक्टर जीवाणू आते हैं, इनका कार्य क्रमशः दूध से दही, व सिरका बनाना है।

एक कोशिकिय पकैरियोटिक – परजीवी – प्रोटोजोआ जनित रोग
अकशेरूक – अमीबा, पैरामिशिया, युग्लीन

·        मलेरिया – प्लाजमोडियम वाईवैक्स – वाहक मादाएनाफ्लिजा – प्लीहा

·        पायरिया – एंटी अमीबा जिन्जेवेलिस – दांतो के मसूढे में

·        निद्रा रोग (सैगास) – ट्रेपेसोमा गैब्यिंस – वाहक सी सी मक्खी – तंत्रिका तंत्र

·        माला जार – लीरामीनिया जीनोवेकी – चर्म उत्तक – वाहक – सैंड फ्लाई मक्खी

·        मलेरिया कि दवा कुनैन है, जो हमे सिनकोना वृक्ष की छाल से प्राप्त होती है।

·        फाईलेरिया (हाथी पांव) – गोल कृमि (वून्योरिया बक्का वटाई) – पैरों की उंगलियां – वाहक मादा क्युलेक्स मच्छर

रोग
मच्छर
डेंगू
मादा एंडीज
मलेरिया
मादा एनाफ्लिजा
फाईलेरिया
मादा क्यूलेक्स

कवक जनित रोग
रोग
प्रभावित अंग
दाद, खाज, खुजली
त्वचा
गंजापन
बालों की जड़े
दमा
श्वसन
एथलीट फुट
पैरों की उंगलिया (सड़न)

रेडियो एक्टिव तत्व जनित रोगल --

मिनिमाता रोग – पारा

ईटाई ईटाई – कैण्डियम

ब्लैक फुट – आरसैनिक

विल्सन – कॉपर

ब्लु बेबी सिन्ड्रोम – जल में नाईट्रेट की अधिकता

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